खनिज संसाधन उद्योगों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लोहा, कोयला, बॉक्साइट और पेट्रोलियम जैसे खनिज देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाते हैं।
ऊर्जा संसाधनों में परंपरागत और गैर-परंपरागत दोनों शामिल हैं। कोयला और पेट्रोलियम सीमित हैं, इसलिए सौर, पवन और जल ऊर्जा का महत्व बढ़ता जा रहा है।
खनिज संसाधन एक बार समाप्त होने के बाद दोबारा नहीं बनते, इसलिए इनका विवेकपूर्ण उपयोग जरूरी है।
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